रायपुर: मुख्य सचिव श्री विकासशील की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में राज्य आपदा मोचन तथा आपदा न्यूनीकरण निधि की बैठक सम्पन्न हुई। राजस्व पुस्तक परिपत्र 6-4 के अंतर्गत जिलों के प्रस्ताव एवं रायपुर शहर बाढ़ से मुक्त करने हेतु प्रस्तावों पर व्यापक चर्चा की गई एवं प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक में भारत सरकार राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के निर्देशों के तहत सभी जिलों में राज्य स्तरीय बाढ़ आपदा प्रशिक्षण तथा जिला स्तर पर बाढ़ से बचाव के प्रशिक्षण की स्वीकृति प्रदान की गई।
मुख्य सचिव ने राज्य कार्यपालिक समिति की बैठक में ऐसे जिले जहां प्रतिवर्ष बाढ़ की संभावना रहती है, वहां बाढ़ आपदा से निपटने के लिए पहले से ही व्यापक कार्ययोजना तैयार कर लेने के निर्देश अधिकारियों को दिए है। इससे बाढ़ आपदा के समय त्वरित सहायता प्रभावितों और पीड़ितों को दी जा सकेगी। मुख्य सचिव ने कहा है कि राज्य आपदा एवं न्यूनीकरण निधि से निर्धारित मापदण्डों के अनुसार बाढ़ प्रभावित जिलों में सड़क, जल संग्रहण एवं वॉटर रिचार्जिंग सहित अन्य आवश्यक निर्माण कार्यों को तकनीकी परीक्षण कराकर ठोस कार्य मजबूती से करायें। उन्होंने पिछली वर्षांत में बाढ़ प्रभावित इलाकों में हुए प्रभावित संरचनाओं के स्वीकृत कार्यों को शीघ्र पूर्ण कराने के निर्देश दिए है। मुख्य सचिव ने राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि आपदा मोचन निधि की कार्ययोजना और प्रतिवेदन एवं समय पर राज्य कार्यपालिक समिति को उपलब्ध करायें। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की गाईड लाईन का भलीभांति अध्ययन कर आपदा प्रभावित निर्माण कार्यों को गुणवत्ता एवं मजबूती से करायें।

बैठक में राज्य के बस्तर संभाग में अगस्त 2025 में हुई भारी मूसलाधार बारिश के कारण दंतेवाड़ा, बस्तर, सुकमा एवं बीजापुर में बाढ़ से निर्मित स्थिति के संबंध में विस्तार से जानकारी दी गई। अधिकारियों ने राज्य आपदा न्यूनीकरण निधि से निर्माण कार्यों में विभिन्न जिलों में पुलिया, तटबंध, स्टापडेम, रिटर्निंगवाल, सड़क आदि के निर्माण कार्यों के प्रस्ताव प्रस्तुत किए जिस पर व्यापक चर्चा की गई एवं जरूरी कार्यों के प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इसी तरह से बलरामपुर एवं जशपुर जिलों के अंतर्गत आपदा न्यूनीकरण निधि से निर्माण कार्यों के प्रस्ताव पर चर्चा कर प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक में राजस्व पुस्तक परिपत्र के अंतर्गत विभिन्न जिलों से प्राप्त अनुदान सहायता उपलब्ध कराने के 36 करोड़ 72 लाख के प्रस्ताव पर चर्चा उपरांत स्वीकृति प्रदान की गई। बैठक में भारत सरकार राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के निर्देशानुसार सभी जिलों में राज्य स्तरीय बाढ़ आपदा प्रशिक्षण तथा जिला स्तर पर बाढ़ बचाव प्रशिक्षण के लिए पिछले वर्ष प्रत्येक जिले को एक लाख मान से 33 जिलों के लिए 33 लाख रूपए जारी किए गए थे। जिसकी कार्योत्तर स्वीकृति दी गई। इसी तरह से आगामी 2026-27 के लिए भी सभी 33 जिलों में एक-एक लाख रूपए के मान से आबंटन जारी करने स्वीकृति दी गई।
बैठक में राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की सचिव श्रीमती रीना बाबा साहेब कंगाले, वित्त विभाग के सचिव श्री मुकेश कुमार बंसल एवं गृह विभाग के सचिव श्री रमेश कुमार शर्मा सहित लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, होमगार्ड, सेना, एनडीआरएफ, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, लोक निर्माण, जल संसाधन विभाग के अधिकारी मौजूद थे। बैठक में वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए संबंधित जिलो के कलेक्टर एवं अन्य जिला स्तरीय अधिकारी शामिल हुए।