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धर्म के नाम पर देश के विभाजन की घटना को करोड़ों देशवासी कभी भूल नहीं पाएंगे

अहमदाबाद | केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अहमदाबाद को ऑक्सिजन पार्क समेत रु. 1000 करोड़ से अधिक के विभिन्न विकास कार्यों की सौगात दी| अमित शाह ने 188 शरणार्थियों को भारतीय नागरिकता का प्रमाण पत्र भी प्रदान किया| इस मौके पर अमित शाह ने कहा कि धर्म के नाम पर देश के विभाजन की घटना को लोग कभी भूल नहीं सकते| अहमदाबाद में आयोजित कार्यक्रम के दौरान अमित शाह ने 
पाटन, राजकोट, मोरबी, सुरेंद्रनगर और वडोदरा में रहने वाले 188 शरणार्थियों को भारतीय नागरिकता प्रदान की गई है। इन सभी लोगों को सीएए के तहत भारतीय नागरिकता दी गई है| इस मौके पर गृह मंत्री अमित शाह ने भी सीएए को लेकर कई बातें लोगों के सामने रखीं| गृह मंत्री ने कहा कि आज एक भावनात्मक क्षण है| सीएए देश में रहने वाले लोगों को अधिकार देने का कार्यक्रम है| 1947 से 2014 तक देश में शरण लेने वालों को न्याय नहीं मिला। लेकिन 2014 के बाद पड़ोसी देश में रहने वाले हिंदू लोगों को न्याय मिल रहा है| इंडी एलायंस की नीति ने उन्हें कभी न्याय नहीं दिया| उन्होंने आगे कहा कि- देश को धर्म के नाम पर नहीं बांटा जाना चाहिए था| भारत की आजादी के समय देश को धर्म के नाम पर बांटा गया था| विभाजन की इस घटना को भारत के करोड़ों लोग भूल नहीं सकते हैं। गृह मंत्री अमित शाह ने पाकिस्तान में रहने वाले अल्पसंख्यकों को लेकर कहा कि – हिंदू, बौद्ध, जैन बहुत पीड़ित थे। कांग्रेस के सभी नेताओं ने पड़ोसी देशों से आने वाले हिंदुओं को भारतीय नागरिकता देने का वादा किया वह तब भूल जाते थे, अगर हम इन लोगों को भारतीय नागरिकता देंगे तो कांग्रेस का वोट बैंक खत्म हो जाएगा। 2014 के बाद जो यात्रा शुरू हुई उसे देश के लोग जीवन भर याद रखेंगे। अमित शाह ने कहा कि हम 2014 के वादे के मुताबिक सीएए को लागू किया और अपना वादा पूरा करते हुए हिंदुओं को नागरिकता दी जा रही है। उन्होंने कहा कि 2019 में सीएए लाया गया था तब इसका विरोध किया गया और इसे मुस्लिम विरोधी कानून बताया गया था| आज सीएए के तहत पड़ौसी देशों से आए पीड़ित अल्पसंख्यकों को भारत की नागरिकता दी जा रही है|

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